Chandra Grahan 2026

Chandra Grahan 2026 – फाल्गुन पूर्णिमा पर ग्रस्तोदय चंद्र ग्रहण, 12 राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव

धर्म - कर्म

Chandra Grahan 2026 – फाल्गुन मास की पूर्णिमा 3 मार्च को है। इस दिन खग्रास ग्रस्तोदय चंद्र ग्रहण है।

Chandra Grahan 2026

ज्योतिषाचार्य राकेश व्यास ने बताया कि यह खग्रास चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा और इसकी समाप्ति शाम 6 बजकर 46 मिनट पर होगी।

ज्योतिषाचार्य व्यास ने बताया कि ये खग्रास ग्रस्तोदय चंद्र ग्रहण होगा जो सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में घटित होगा।

इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा के साथ केतु और चंद्रमा से सप्तम भाव में सूर्य,राहु, मंगल और बुध ग्रह विराजमान होंगे।

चंद्रमा से अष्टम भाव में शनि और शुक्र मौजूद रहेंगे। एकादश भाव में गुरु मौजूद रहेंगे। व्यास ने बताया कि खग्रास ग्रस्तोदय चंद्र ग्रहण भारत के अधिकतर क्षेत्रों में दिखाई देगा।

उन्होंने बताया कि चंद्र ग्रहण के सूतक काल की शुरुआत सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर होगी। कोलकाता में चंद्रोदय शाम 5 बजकर 43 मिनट पर होगा और ग्रहण का मोक्ष शाम 6 बजकर 47 मिनट पर होगा।

सूतक और ग्रहण काल मे दान, जप, पाठ आदि कल्याण कारी होता है। सूतक काल और ग्रहण काल मे भगवान की मूर्ति, तस्वीर आदि स्पर्श नही करना चाहिए।

ग्रहण काल मे भोजन, जल, निंद्रा आदि का यथायोग्य त्याग करना चाहिए। वृद्ध, रोगी, बालक और गर्भवती स्त्रियों को यथानुकूल इन सब मे दोष नही है।

गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल मे सब्जी काटना, पापड़ सेकना, क्रोध आदि से परहेज करना चाहिए। ज्यादा से ज्यादा धार्मिक ग्रन्थों का अध्ययन करना चाहिए।

सूतक काल से पहले दूध, जल, दही, आचार आदि में कुशा रख देना चाहिए। माना जाता है कि इससे ये दूषित नही होते हैं।

Chandra Grahan 2026 – ग्रहण का राशियों पर प्रभाव – ये चन्द्रग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में घटित हो रहा है। इसलिए इस राशि और नक्षत्र में उत्पन्न जातकों को विशेष रूप से केतु, शनि एवं चन्द्र का जाप एवं दान करना चाहिए।

12 राशियों पर इस ग्रहण का प्रभाव – मेष – खर्च और भाग दौड़ अधिक, वृषभ – कार्य सिद्धि धन लाभ , मिथुन – प्रगति, उत्साह एवं पुरुषार्थ में वृद्धि , कर्क – धन हानि, खर्च अधिक और यात्रा,

सिंह – चोट का भय, धन की हानि और शारीरिक कष्ट, कन्या – धन हानि और परेशानी, तुला – धन लाभ और सुख की प्राप्ति, वृश्चिक – रोग, चिंता, भय, संघर्ष, कष्ट, धनु – संतान सम्बन्धी चिंता,

मकर -शत्रु हावी, खर्च अधिक, दुर्घटना भय, कुंभ – पति पत्नी सम्बन्धी कष्ट, मीन – रोग, चिंता, कार्य में देरी। ग्रहण काल का प्रभाव 6 महीनों तक रहता है।

इसके नकारात्मक प्रभाव को कम करने और अच्छे फलों में वृद्धि के लिए शिव मंत्र का जाप, गीता जी का पाठ, गौ सेवा और दोष निवारक ऑयल का दीपक करना चाहिए।

Chandra Grahan 2026 – इस ग्रहण का प्रभाव – नाच गायन एवं संगीत से जुड़े लोगों, श्रेष्ठ स्त्रियों और तपस्या करने वालों के लिए कठिन समय।

ग्रहण मंगलवार को होने से दुर्भिक्ष का भय, अग्निकांड, चोरी, उपद्रव आदि का भय। मध्य प्रदेश, राजस्थान, बंगाल के कुछ जगहों पर उपद्रव की आशंका।

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