Jorasanko Assembly

Jorasanko Assembly – जोड़ासांको में किसकी होगी “विजय”, क्या कहतें हैं समीकरण..

कोलकाता

Jorasanko Assembly – सनलाइट, कोलकाता। जोड़ासांको कोलकाता की चर्चित सीटों में से एक है। इस सीट पर तृणमूल, भाजपा और माकपा ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।

Jorasanko Assembly

तृणमूल कांग्रेस से विजय उपाध्याय, भाजपा से विजय ओझा और माकपा से भरत राम तिवाड़ी मैदान में हैं।

बात करें अबतक के नतीजों की तो 2011 में बड़ाबाजार की जगह अस्तित्व में आई जोड़ासांको विधानसभा सीट पर तब से तृणमूल का कब्जा है।

2011 में तृणमूल से स्मिता बक्शी ने 31 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में दूसरे नंबर में सीपीएम और भाजपा से मीना देवी पुरोहित 17 हजार से ज्यादा वोटों के साथ तीसरे नंबर पर थीं।

2016 के चुनाव में तृणमूल की जीत का अंतर 6,290 पर आ गया। जो कि 2011 की तुलना में 25 हजार कम रहा।

इस चुनाव में भाजपा ने छलांग लगाई और तीसरे नंबर से दूसरे नंबर पर आ गई। भाजपा के राहुल सिन्हा को 38,476 वोट मिले। स्मिता बक्शी ने 44,766 वोटों के साथ जीत दर्ज की।

Jorasanko Assembly – 2021 के चुनाव में तृणमूल के उम्मीदवार विवेक गुप्ता ने भारतीय जनता पार्टी की मीना देवी पुरोहित को हराकर यह सीट कायम रखी।

इसबार जीत का अंतर 12743 रहा। भाजपा के वोटों में जहां 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई वहीं तृणमूल का वोट 9 प्रतिशत बढ़ गया।

अब 2026 में मैदान में सीधे सीधे मुकाबला दो विजय के बीच है। जोड़ासांको विधानसभा में तृणमूल कहीं न कहीं गुटबाजी से परेशान दिख रही थी जिसे विजय उपाध्याय के नाम की घोषणा ने काफी हद तक खत्म कर दिया है।

Jorasanko Assembly – उनका सामना भाजपा के विजय ओझा से है जो विजय उपाध्याय की तरह ही पार्षद भी हैं।

तृणमूल जहाँ इस सीट पर अपना विजय रथ जारी रखने का प्रयास करेगी वहीँ भाजपा इस क्षेत्र में सूखा खत्म करना चाहेगी।

जोड़ासांको की सबसे दिलचस्प कहानी इसके वोटिंग पैटर्न में छिपी है। यहां का वोटर विधानसभा चुनाव में अलग सोचता है और लोकसभा चुनाव में बिल्कुल अलग।

विधानसभा में जहां ये तृणमूल का गढ़ बनी है वहीं पिछले तीन लोकसभा चुनावों के आंकड़ों को देखें, तो इस विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस अक्सर भाजपा से पिछड़ती दिखाई दी है।

चित्तरंजन एवेन्यू, कॉलेज स्ट्रीट और बड़ाबाजार जैसे व्यस्त इलाकों से यह क्षेत्र घिरा हुआ है। इस क्षेत्र में मारवाड़ी, हिंदी भाषी लोग और पुराने बंगाली परिवारों का एक अनूठा मिश्रण है।

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