Supreme Court on IPAC Case – आइपैक ठिकानों पर ईडी रेड के दौरान दौराम सीए के पहुँचने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है।
Supreme Court on IPAC Case
जस्टिस पी.के. मिश्रा ने कहा, “अगर मुख्यमंत्री इस तरह ज़बरदस्ती प्रवेश करती हैं, तो लोकतंत्र ही सवालों के घेरे में आ जाता है।”
एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने कोर्ट में ED के केस की वैधता को चुनौती देते हुए दलीलें पेश कीं। इसी संदर्भ में जस्टिस पी.के. मिश्रा ने यह टिप्पणी की।
अपनी दलीलों के दौरान, मेनका ने कई पिछले मामलों के संदर्भ दिए। इन्हें सुनने के बाद, जस्टिस मिश्रा ने टिप्पणी की, “आपने कई मामलों के संदर्भ दिए हैं। हालाँकि, वह विशिष्ट स्थिति जहाँ कोई मुख्यमंत्री किसी जाँच एजेंसी द्वारा की जा रही जाँच में सीधे तौर पर हस्तक्षेप करता है उनमें से किसी भी मामले में मौजूद नहीं थी।”
उल्लेखनीय है कि जनवरी में, जब केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी आइपैक के दफ़्तर में जांच कर रही थी, तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुँची थी।
पूरे घटनाक्रम पर जांच एजेंसी ईडी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। आरोप लगाया था कि सीएम ने जांच में बाधा डाली थी।
