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Amit Shah releases 'chargesheet' against TMC

Amit Shah – ममता सरकार के खिलाफ भाजपा की चार्जशीट, अमित शाह बोले – ये भय या भरोसे को चुनने का चुनाव

कोलकाता

Amit Shah – विधानसभा चुनाव 2026 के पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज कोलकाता से तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक विस्तृत ‘चार्जशीट’ पेश की।

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Amit Shah

अमित शाह ने कहा कि तृणमूल हमारी चार्जशीट को भले ही भाजपा की चार्जशीट कहे लेकिन हकीकत में, यह बंगाल की जनता द्वारा तृणमूल सरकार के खिलाफ जारी की गई चार्जशीट है जिसे भाजपा बस आवाज दे रही है।

शाह ने कहा कि ये चुनाव सिर्फ बंगाल का नहीं बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ा है। बंगाल से घुसपैठिए आते हैं और पुरे देश में फैलते हैं और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हैं।

अमित शाह ने साफ तौर पर कहा कि भाजपा का एजेंडा घुसपैठियों को बाहर निकालना है। उन्होंने कहा कि हम हर एक घुसपैठिए को बाहर निकालने के अपने वादे पर पक्के हैं, न सिर्फ़ वोटर लिस्ट से, बल्कि देश से।

उन्होंने कहा कि यह चुनाव भय या भरोसे को चुनने का चुनाव है। शाह ने कहा कि पिछले 15 सालों में भय, भ्र्ष्टाचार और भेदभाव की राजनीति चल रही है।

झूठ, डर और हिंसा का सहारा लेकर अपनी राजनितिक थ्योरी को ममता बनर्जी ने प्रस्तुत किया है। भाजपा 2011 से इसके खिलाफ लड़ रही है। इस बार, बंगाल की जनता निश्चित रूप से भाजपा सरकार को चुनेगी।

Amit Shah ने कहा कि घुसपैठ के लिए सीएम बीएसएफ पर आरोप लगा चुकीं हैं लेकिन फेंसिंग के लिए ज़मीन आवंटन नहीं की।

अमित शाह ने कहा कि भाजपा सत्ता में आते ही 45 दिनों के भीतर जमीन देगी और फेंसिंग हो जाएगी। अमित शाह ने ऐसे आँकड़े पेश करते हुए बताया की बंगाल में भाजपा को बंगाल की जनता का समर्थन मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि 2014 के लोकसभा चुनावों में पार्टी को 17 प्रतिशत वोट मिले थे और उसने 2 सीटें जीती थीं। 2019 में BJP का वोट शेयर बढ़कर 41 प्रतिशत हो गया, जिससे उसे 18 सीटें मिलीं। 2024 में BJP को 39 प्रतिशत वोट मिले और उसने 12 सीटें जीतीं।

Amit Shah ने कहा, “BJP ने यहाँ अपनी एक मज़बूत नींव तैयार कर ली है और उसे लगातार लगभग 40 प्रतिशत वोट मिल रहे हैं।”

विधानसभा चुनावों के आँकड़ों का हवाला देते हुए शाह ने बताया कि 2016 के चुनावों में BJP को 10 प्रतिशत वोट मिले थे और उसने तीन सीटें जीती थीं। लेकिन, 2021 में यह आँकड़ा 10 प्रतिशत से बढ़कर 38 प्रतिशत हो गया और BJP ने 77 सीटें जीतीं।

Amit Shah ने ज़ोर देकर कहा, “यह बंगाल की आज़ादी का चुनाव है। बंगाल की आबादी का एक बड़ा हिस्सा, बनावटी जनसांख्यिकीय बदलावों की वजह से डर के साए में जी रहा है।

उन्हें यह डर सता रहा है कि कहीं वे अपने ही घर-आँगन में अल्पसंख्यक न बन जाएँ। यह चुनाव अपनी गरिमा और अपने जीवन की सुरक्षा की लड़ाई है।”

Amit Shah ने ममता बनर्जी पर ‘विक्टिम कार्ड’ खेलने की राजनीति करने का आरोप लगाया। शाह ने कहा, “ममता बनर्जी ने यहाँ हमेशा ‘विक्टिम कार्ड’ का सहारा लिया है।

कभी पैर तुड़वा लेतीं है तो कभी वह माथे पर पट्टी बाँधे नज़र आती हैं। कभी वह बीमार पड़ जाती हैं, तो कभी चुनाव आयोग के सामने बेचारा बनने का नाटक करते हुए उसी आयोग को गालियाँ देने लगती हैं।

लेकिन, बंगाल की जनता अब इस तरह की ‘विक्टिम कार्ड’ वाली राजनीति का असली चेहरा पहचान चुकी है। चुनाव आयोग को गालियाँ देना बंगाल की संस्कृति और मूल्यों के बिल्कुल खिलाफ है।

SIR प्रक्रिया से जुड़ी स्थिति पर बात करते हुए, शाह ने कहा, “कई जगहों पर SIR की प्रक्रिया चल रही है; लेकिन कहीं भी किसी न्यायिक अधिकारी के दखल की ज़रूरत नहीं पड़ी।

तमिलनाडु और केरल में SIR प्रक्रिया हुई है लेकिन वहाँ एक भी कोर्ट केस सामने नहीं आया। तमिलनाडु में DMK की सरकार है, और केरल में कम्युनिस्ट सरकार। तो फिर, बंगाल में ऐसा क्या गलत हो गया? सुप्रीम कोर्ट को मजबूर होकर एक न्यायिक अधिकारी नियुक्त करना पड़ा।”

बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर Amit Shah ने कहा, “बंगाल में एक महिला मुख्यमंत्री हैं। इसके बावजूद, पूरे देश में बंगाल की महिलाओं की हालत सबसे ज़्यादा खराब है।”

आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “महिलाओं के खिलाफ अपराधों से जुड़े 34,738 मामले लंबित हैं। महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के आरोपों वाले मामलों में विशेष रूप से वे आरोप जो तृणमूल कार्यकर्ताओं पर लगे हैं आरोपियों को एक स्पष्ट ‘सुरक्षा कवच’ प्रदान किया गया है।

इसके अलावा, आर.जी. कर मामले में आरोपियों के लिए खड़े होने वाले वकीलों को राज्यसभा में सीटें देकर पुरस्कृत किया गया।

Amit Shah ने पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार की स्थापना के माध्यम से अंग, बंग और कलिंग के ऐतिहासिक क्षेत्रों में एक एकीकृत शासन संरचना स्थापित करने की बात कही।

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