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Ashadh Maas

Ashadh Maas – 13 दिनों का अशुभ फल देने वाला दुर्योग काल – महाभारत से पहले भी आया था ऐसा समय

देश धर्म - कर्म

Ashadh Maas – सामान्यतः प्रत्येक मास में 15 – 15 दिनों के दो पक्ष होते हैं। जिसे कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष कहते हैं। कभी तिथि बढ़ने पर पक्ष 16 दिनों का हो जाता है और कभी तिथि क्षय के कारण 14 दिनों का पक्ष हो जाता है।

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Ashadh Maas

तिथि क्षय होने के कारण अगर कभी 13 दिनों का पक्ष होता है तो उसे दुर्योग काल या विश्व घस्त्र पक्ष कहते हैं। इसमें प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिलते हैं।

इस बार सम्वत 2081 में आषाढ़ मास का कृष्ण पक्ष 13 दिनों का है जो 23 जून से 5 जुलाई तक है जिसमे द्वितीया और चतुर्दशी तिथि क्षय है।

ज्योतिष प्रभाकर डॉ राकेश व्यास के अनुसार 13 दिनों के पक्ष के कारण जनहानि, युद्ध, प्राकृतिक आपदा जैसी घटनाएं हो सकती है। यह वर्ष सम्पूर्ण विश्व के लिए हानिकारक हो सकता है।

डॉ व्यास के अनुसार इस समय विश्व मे जहाँ युद्ध चल रहा है वहां स्थिति खराब हो सकती है और जहाँ युद्ध होने की स्थिति बनी हुई है वहाँ युद्ध शुरू हो सकता है। देश की बात करें तो देश में साम्प्रदायिक दंगों, प्रकृतिक आपदा, हिंसा जैसी स्थिति बन सकती है।

यह पक्ष ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुभ कार्यों, विवाह, गृह प्रवेश आदि के लिए शुभ नही है। इससे पहले द्वापर में भी 13 दिनों का पक्ष पड़ा था जिसके बाद महाभारत हुई थी।

इसके अलावा जब भी 13 दिनों का पक्ष पड़ा भूकंप, युद्ध, प्राकृतिक आपदा, हादसे, जनहानि सहित कई घटनाएं हुई थी।

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