GST काउंसिल की बैठक में लिए गए कई अहम फैसले, जीवन रक्षक दवाओं पर मिली छूट; पेट्रोल-डीजल पर कोई राहत नहीं

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GST (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) काउंसिल की बैठक खत्म हो गई है। और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को बड़ा झटका लगा है।

 

बैठक में पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर सहमति नहीं बन पाई है। इसे देखते हुए आज की बैठक में पेट्रोल-डीजल पर फैसला टल गया है। हालांकि कोरोना संबंधित दवाओं पर रियायत 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ाए जाने का फैसला किया गया है। 

कोरोना संबंधित दवाओं पर रियायत 31 दिसंबर 2021 तक

कोरोना से संबंधित दवाओं पर रियायती जीएसटी दरों को 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ा दिया गया है। एम्फोटेरिसिन बी – शून्य दर, टोसीलिज़ुमैब – शून्य दर, रेमेडिसविर – 5%, हेपरिन जैसे थक्कारोधी – 5%। ये रियायती दरें जो 30 सितंबर तक वैध थीं अब 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ाई जा रही हैं।हमने पिछले एक साल में और शायद पहले देखा है कि कुछ जीवन रक्षक दवाएं, जो कोरोना से जुड़ी नहीं हैं और बहुत महंगी हैं। ऐसी दवाओं के लिए छूट दी गई है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वो दो नाम ज़ोल्गेन्स्मा और विल्टेप्सो का जिक्र इसलिए कर रही हैं क्योंकि ये दोनों दवाएं बेहद जरूरी और महंगी हैं जिनकी कीमत करीब 16 करोड़ रुपए है।

 

परिषद ने इन 2 के लिए जीएसटी से छूट देने का फैसला किया है।स्वास्थ्य मंत्रालय और फार्मास्यूटिकल्स विभाग की सिफारिश पर मस्कुलर एट्रोफी के इलाज के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सुझाई गई दवाओं को भी व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात पर IGST से छूट दी गई है।

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