ISRO Privatisation – भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मीडिया में चल रही खबरों पर स्पष्टीकरण जारी किया है।
ISRO Privatisation
पिछले कुछ दिनों में खबरों में इसरो के निजीकरण या उसकी भूमिका कम करने के प्रयासों की बात कही गई थी।
इस पर इसरो ने स्पष्टीकरण दिया है। सोशल मीडिया पोस्ट में इसरो ने कहा कि न तो उसका निजीकरण हो रहा है और न ही उसका महत्व कम किया जाएगा।
पोस्ट में कहा गया – अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी का उद्देश्य अंतरिक्ष कार्यक्रम को सक्षम बनाना है।
इसरो ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधारों का उद्देश्य एक व्यापक, मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारतीय अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।
इसलिए, इन सुधारों को निजीकरण के बजाय पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार और क्षमता वृद्धि के रूप में देखा जाना चाहिए।
ISRO Privatisation – इसरो ने कहा कि परिपक्व और विस्तार योग्य तकनीकी क्षमताओं को भारतीय उद्योग द्वारा तेजी से विकसित किया जा सकता है।
इससे बड़े पैमाने पर उत्पादन, व्यावसायीकरण, नवाचार और वैश्विक बाजारों तक पहुंच संभव होगी, जबकि इसरो के वैज्ञानिक और तकनीकी मानव संसाधन को उन्नत अनुसंधान, अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों और जटिल राष्ट्रीय मिशनों पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति मिलेगी।
