‘मंगल’ है युद्ध का कारक, 26 फरवरी को मकर में करने जा रहा है प्रवेश

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समस्त ग्रहों के सेनापति मंगल को कुंडली में विशेष स्थान प्राप्त है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का राशि परिवर्तन किसी न किसी प्रकार से मनुष्य व पृथ्वी को किसी न किसी रूप से प्रभावित करता है। ऐसे में मंगल का राशि परिवर्तन भी सभी पर अपना प्रभाव डालेंगे।

 

मंगल देव अपना गोचर करते हुए 26 फरवरी 2022, शनिवार को दोपहर 3 बजकर 50 मिनट पर गुरु की राशि धनु राशि से निकलकर शनि देव की राशि मकर में प्रस्थान करेंगे। 

 

मंगल को भूमि, भवन, वाहन ,सेना ,सेनाध्यक्ष, पुलिस बल, सम्पूर्ण रक्षा तंत्र, आग, बारूद , बल, पौरुष, मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक ऊर्जा का कारक ग्रह माना गया है। ऐसे में मंगल अपने उच्च राशि मकर में परिवर्तन करके अपने सभी कारक तत्वों पर प्रभाव स्थापित करेंगे। 

युद्ध का कारक है मंगल ग्रह

रिसर्च सेंटर ऑफ ऐस्ट्रो मेडिकल के ज्योतिष प्रभाकर डॉ राकेश व्यास ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में मंगल का युद्ध का कारक माना गया है। इसके साथ ही इसे भूमि पुत्र भी कहा गया है। मंगल एक क्रूर ग्रह है, जो अलग-अलग राशियों मे अलग-अलग शुभ-अशुभ फल प्रदान करता है। ऐसे में युद्ध जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी युद्ध की स्थिति बनती है तो कहीं न कहीं मंगल की भूमिका रहती है। इसीलिए इसे युद्ध कारक माना गया है।

27 और 28 फरवरी को मकर राशि में पंच ग्रही योग भी बन रहा है। यानि मकर राशि में एक साथ पांच ग्रहो की युति बनने जा रही है।

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