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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना मरीजों के लिए होम आइसोलेशन पर जारी किया संशोधित दिशानिर्देश

देश
  • 17 दिनों तक रहना होगा होम आइसोलेशन में
  • 10 दिनों तक कोई लक्षण और बुखार न आने के मामले में टेस्ट की जरूरत नहीं

नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एसिम्टोमैटिक और हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीजों के लिए होम आइसोलेशन के लिए संशोधित दिशानिर्देश जारी किया है।

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नए दिशानिर्देशों के तहत हल्के लक्षण वाले मरीजों के पास अगर घर पर आइसोलेशन की सुविधा है तो वे वहीं 17 दिनों तक क्वारेंटाइन रह कर इलाज करवा सकते हैं।

संशोधित गाइडलाइन के मुताबिक अगर ऐसे मरीज को 10 दिनों तक बुखार व अन्य लक्षण नहीं दिखाई दिए तो उन्हें दोबारा टेस्ट कराने की आवश्यकता नहीं है। इस संबंध में 27 अप्रैल को स्वास्थ्य मंत्रालय ने विस्तृत दिशानिर्देश जारी किया था, जिसके मुताबिक कम लक्षण या प्री-सिम्पटोमैटिक या एसिम्टोमैटिक (जिन्हें कोई भी लक्षण नहीं है) कोरोना मरीजों के घर पर बेहतर सुविधा है तो वे वहीं रहने का विकल्प चुन सकते हैं।

इसके उन्हें कुछ जरूरी बातों का ख्याल रखना होगा।

– उसके घर पर सेल्फ आइसोलेशन की सुविधाएं होनी चाहिए, साथ में रहने घरवाले सदस्यों के लिए अलग रहने की भी सुविधा होनी चाहिए।
– मरीज की देखभाल के लिए 24 घंटे के लिए एक सहायक साथ में होना चाहिए, जो लगातार अस्पताल के संपर्क में रहे।
– उस केयर टेकर को चिकित्सक की सलाह से हाईड्रोक्सी क्लोरोक्वीन की दवा लेनी चाहिए और क्वारेंटाइन के पूरे नियमों का पालन करना चाहिए।
– आरोग्य सेतु ऐप को अपने फोन में डाउनलोड करना आवश्यक है।
– व्यक्ति को लगातार अस्पताल और जिला के मेडिकल अधिकारी को अपनी सेहत की जानकारी देनी होगी।
– मरीज को दिया गया सेल्फ आइसोलेशन के लिए दिया गया फॉर्म भरना जरूरी।
– मरीज को सांस लेने और दूसरी तकलीफ आने पर तुरंत संबंधित मेडिकल अधिकारी को सूचना देनी होगी।

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