पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए किसी पार्टी का ऐलान या फिर गठबंधन को समर्थन देने की अटकलों के बीच चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐसी किसी संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया। पटना में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने बिहार में 20 फरवरी से अपने नए अभियान की शुरुआत करने की घोषणा कर दी जो बिहार की बात नाम से शुरू होगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर से नाता को तोड़ लिया है लेकिन चुनावी रणनीतिकार आज भी उन्हें पिता समान ही मानते हैंं। सम्बंध विच्छेद के बाद मंगलवार को पहली बार यहां आने पर उन्होंने साफ़ कर दिया कि बिहार में वह महागठबंधन के लिए काम नहीं करेंगे।
प्रशांत ने कहा है कि वह बिहार के विकास के लिए काम करना चाहते हैं ।अगर उनकी तरफ से तैयार किए गए संगठन को नीतीश कुमार या सुशील मोदी भी आकर ज्वाइन करना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। पीके ने कहा कि नीतीश सरकार विकास का चाहे जो भी दावा कर ले लेकिन जमीन पर योजनाएं नहीं उतर पाई हैंं। उनका कहना था कि राजद शासनकाल से तुलना करके नीतीश कुमार कब तक बिहार में अपने विकास की कहानी सुनायेंगे । उन्होंने कहा कि बिहार में विकास के मुद्दे पर वह किसी से भी बहस के लिए तैयार हैं। नीतीश कुमार या उनकी पार्टी के लोग अगर विकास के मुद्दे पर मुझसे बहस करना चाहते हैं तो उनका स्वागत है।
