कांग्रेस से इस्तीफा देकर शिवसेना में शामिल हुईं प्रियंका चतुर्वेदी, कहा- आत्मसम्मान के लिए ऐसा किया

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कांग्रेस पार्टी का हाथ छोड़नेवाली प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार को शिवसेना का दामन थाम लिया। उन्होंने मुंबई में मातोश्री पहुंचकर शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की घोषणा की। कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने साथ हुए दुर्व्यवहार और उसके दोषियों के प्रति कांग्रेस पार्टी के नर्म रवैये के चलते इस्तीफा दिया है। उन्होंने इस संबंध में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा कि अब उनका पार्टी में रहना आत्मसम्मान और गरिमा के विरुद्ध होगा।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लिखे पत्र में प्रियंका ने कहा कि पार्टी के अंदर रहते हुए उन्हें सबसे ज्यादा दुखद बात यह लगी कि एक तरफ पार्टी महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है दूसरी तरफ उन्हें जमीनी स्तर पर उतारने वाले कुछ नेता ऐसा करते हुए नजर नहीं आ रहे हैं। प्रियंका ने अपने पत्र में लिखा है कि पार्टी के तौर पर अधिकृत कार्य करते समय उनके और अन्य के साथ पार्टी के नेताओं ने दुर्व्यवहार किया। पार्टी ने उनकी शिकायत को चुनावों में सबका सहयोग लिए जाने के नाम पर नजरअंदाज कर दिया।

कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने सभी पदों से इस्तीफा देते हुए ट्वीटर के माध्यम से राहुल गांधी को लिखा पत्र साझा किया है। अपने पत्र में उन्होंने पार्टी और वरिष्ठ नेताओं को शुभकामनायें दी हैं और कहा है कि पार्टी में उन्हें समर्थन देने वाले लोगों का वह शुक्रिया करती हैं। उन्होंने अपने ट्वीटर अकाउंट से कहा कि पिछले तीन दिनों में (जब से कांग्रेस ने दुर्व्यवहार करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को वापस लिया है) देश भर से उन्हें प्यार और समर्थन मिला है, उससे वह पूरी तरह अभिभूत और आभारी हैं। वह अपने आप को समर्थन की इस अपार खुशी के साथ धन्य मानती हैं।

प्रियंका चतुर्वेदी ने हाल ही में मथुरा में राफेल मुद्दे पर पत्रकारों को संबोधित किया था। इसी कार्यक्रम में कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके साथ बदतमीजी की थी। उनकी शिकायत पर पार्टी ने उन सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल दिया था। चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने उन नेताओं-कार्यकर्ताओं को फिर से पार्टी में शामिल कर लिया । इस पर प्रियंका चतुर्वेदी ने दो दिन पहले नाराजगी जताई थी।
प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने 15 अप्रैल को लिखे पत्र में स्पष्ट किया था कि अमर्यादित व्यवहार के चलते कुछ कार्यकर्ताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी। संबंधित व्यक्तियों के इस पर खेद जताने के बाद पार्टी के प्रभारी महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया की मंजूरी के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई निरस्त की गई है। इन लोगों को भविष्य में ऐसे किसी कृत्य में शामिल नहीं होने के खिलाफ आगाह किया गया है।

प्रियंका ने बुधवार को ट्वीट कर कहा था कि यह देखना बहुत दुखद है कि कांग्रेस को अपना खून-पसीना देने वालों के स्थान पर पार्टी में गलत आचरण करने वाले लोगों को तरजीह दी जा रही है। उन्होंने पहले भी अपनी पार्टी के लिए लोगों की ओर से फेंके पत्थर और अपशब्दों की मार सहन की है लेकिन पार्टी के अंदर उनके साथ दुर्व्यवहार करने वालों को उन्हें धमकाने वालों को बिना किसी कार्रवाई के ऐसे ही छोड़ा जा रहा है, यह देखना दुर्भाग्यपूर्ण है।

शिवसेना को लेकर उन्होंने कहा कि मेरा कभी मन परिवर्तन नहीं हुआ है। बचपन से ही मेरे मन में शिवसेना को लेकर सम्मान रहा है। केवल मैं ही नहीं, बल्कि हर मुंबईकर के दिल में शिवसेना राज करती है। मैंने 10 साल में पार्टी (कांग्रेस) से कुछ नहीं मांगा था। सेवा भाव से जुड़ी थी। पार्टी ने जो भी जिम्मेदारी दी, मैंने निभाई। मैं मुद्दों की लड़ाई लड़ती रही हूं। महिला सम्मान भी मेरे लिए अहम मुद्दा रहा है।

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