विधानसभा चुनाव से पहले डगमगाया तृणमूल का विश्वास, लेफ्ट-कांग्रेस से की साथ आने की अपील

बंगाल
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस का विश्वास डगमगाने लगा है और कांग्रेस और माकपा से साथ देने की अपील की है। 
पश्चिम बंगाल में सत्ता पर कब्जा जमाने के लिए भाजपा ने अपनी घेराबंदी शुरू कर दी है। इससे तृणमूल में भगदड़ सी मची है। इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि तृणमूल का विश्वास टूटता जा रहा है।
अभी तक एक दूसरे का विरोध करनी वाली भाजपा विरोधी पार्टियां अब एकजुट होने की कवायद करने लगी है। पार्टी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने खुलेआम कांग्रेस और माकपा पार्टियों को साथ आने का आमंत्रण दे दिया है।
सौगत रॉय ने कहा, “यदि वामपंथी और कांग्रेस भाजपा विरोधी ताकतें हैं, तो उन्हें तृणमूल के पीछे आना चाहिए क्योंकि यह एकमात्र पार्टी है, जो भाजपा की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ लड़ रही है।”
हालांकि कांग्रेस और माकपा पार्टियों ने पहले ही तृणमूल का साथ आने से इनकार कर दिया है। हाल में कांग्रेस के बंगाल ईकाई के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा था कि राज्य में तृणमूल के खिलाफ राज्य की जनता है। भाजपा को भी जनता पसंद नहीं करती है। ऐसे में माकपा और कांग्रेस पार्टियां ही जनता के लिए विकल्प हैं।
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