21st July Shahid Diwas – आज 21 जुलाई है। आज के दिन तृणमूल कांग्रेस का अबतक का मुख्य कार्यक्रम शहीद दिवस धर्मतल्ला में होता था।
21st July Shahid Diwas
अब बदले हुए हालात में कालीघाट तृणमूल का यह कार्यक्रम एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स के पास हो रहा है।
कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने विक्टोरिया हाउस, एस्प्लेनेड ईस्ट और डोरीना क्रॉसिंग पर मीटिंग की इजाज़त नहीं दी थी।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने कार्यक्रम के लिए दोपहर 12 बजे से 3:30 बजे तक समय दिया है। कोर्ट ने कहा कि शहीद दिवस ज़्यादा से ज़्यादा 2500 हज़ार कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ मनाया जाएगा।
21st July Shahid Diwas – कालीघाट तृणमूल के अलावा बागी हुआ रिताब्रत गुट भी मेयो रोड में गांधी मूर्ति के पास शहीद दिवस मनाएगा।
फिरहाद हकीम ने कहा कि इस बार नाच-गाना नहीं होगा, बल्कि शहीद का तर्पण किया जाएगा। रीताब्रत ने कहा, “हमारा मंच सबके लिए खुला है।
अखरुज्जमां ने कहा कि 21 जुलाई उनके लिए सिर्फ एक पॉलिटिकल प्रोग्राम नहीं है, बल्कि शहीदों को श्रद्धांजलि देने का दिन है।
इन सबके अलावा कांग्रेस ने भी इस बार शहीद दिवस का आह्वान किया है। कांग्रेस ने शहीद मीनार में सभा बुलाई है।
उल्लेखनीय है कि 1993 में ममता बनर्जी के नेतृत्व में यूथ कांग्रेस के राइटर्स चलो अभियान के दौरान पुलिस फायरिंग में 13 लोगों की बेरहमी से हुई मौत हुई थी।
इसके बाद तृणमूल कांग्रेस द्वारा उन मृतकों की याद में 1998 से हर साल 21 जुलाई को शहीद दिवस मनाया जाता है।
तृणमूल के बागी सांसदों के गुट ने भी दिल्ली में शहीद दिवस मनाने का फैसला किया है। काकोली घोष दस्तीदार ने कहा था, “मेरा शहीद या तुम्हारा शहीद जैसी कोई चीज़ नहीं होती। सभी शहीदों का सम्मान करना हमारा फ़र्ज़ है, हम भी शहीद दिवस मनाएंगे।”
