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Ashwin Maas

Ashwin Maas – आश्विन मास में ग्रहों की स्थिति का देश – दुनिया पर कैसा रहेगा असर, देखें

धर्म - कर्म

Ashwin Maas – आश्विन मास का प्रारंभ 27 सितंबर से हो रहा है जो 26 अक्टूबर तक रहेगा। इस अवधि में ग्रहों की स्थिति, शनिवारीय संक्रांति, 5 रविवार, 5 सोमवार सूर्य-शनि के बीच समसप्तक योग और 29 अगस्त से 24 नवंबर तक चलने वाले खप्पर योग का प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने की संभावना है।

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Ashwin Maas

ज्योतिषीय प्रभाकर डॉ राकेश व्यास के अनुसार इस अवधि में देश के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं प्राकृतिक परिवेश में कई प्रकार के उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।

ज्योतिषीय संकेतों के अनुसार, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश सहित कुछ अन्य राज्यों में राजनीतिक टकराव, सामाजिक तनाव, आंदोलन, उपद्रव तथा सांप्रदायिक विवाद जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती है।

किसी धर्मगुरु के बयान, धार्मिक गतिविधि अथवा अन्य विवादित घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बढ़ सकते हैं।

ज्योतिष प्रभाकर व्यास के अनुसार देश के राजनीतिक एवं सामाजिक वातावरण में अस्थिरता का माहौल बन सकता है। विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन, आंदोलन, आपसी विवाद और संघर्ष की स्थितियां सामने आने की संभावना है।

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सरकारी कर्मचारियों को भी कार्यक्षेत्र में परेशानी तथा दबाव का सामना करना पड़ सकता है। इस अवधि में कहीं अत्यधिक वर्षा, तो कहीं अग्निकांड जैसी विस्फोटक घटनाओं के संकेत हैं।

प्राकृतिक परिस्थितियों के प्रतिकूल रहने से कृषि क्षेत्र प्रभावित हो सकता है तथा फसलों को नुकसान होने की आशंका है। जीव-जंतुओं, पशुधन एवं जनसामान्य से जुड़ी हानि की स्थितियों के प्रति भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

क्लिष्ट रोग के फैलने के भी योग हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों, यात्रियों, महिलाओं तथा सवर्ण के लिए भी यह अवधि विशेष सतर्कता की हो सकती है।

Ashwin Maas – इस दौरान सर्पभय तथा विभिन्न प्रकार की दुर्घटनाओं के योग हैं। तेल, घी एवं अन्य पेट्रोलियम पदार्थों सहित आवश्यक वस्तुओं के दामों में तेजी आने के संकेत हैं। महंगाई बढ़ने से आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।

Ashwin Maas – वैश्विक स्तर पर भी यह अवधि महत्वपूर्ण रहने वाली है। ज्योतिषीय आंकलन के अनुसार, महाशक्तियों के बीच विस्तारवादी नीतियों को लेकर टकराव बढ़ने की स्थिति बन सकती है।

अमेरिका, रूस और चीन अमेरिका के बीच राजनीतिक एवं आर्थिक तनाव गहरा सकता है तथा व्यापारिक संघर्ष नई दिशा ले सकता है। इस्लामीक देशों के बीच तनाव, युद्ध जैसी परिस्थितियों तथा कुछ देशों में आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता और गृह-संघर्ष के संकेत भी ज्योतिषीय आकलन में व्यक्त किए गए हैं।

इजरायल, अमेरिका तथा पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रमों का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है। विश्व के कुछ हिस्सों में आर्थिक मंदी, बाजारों में अस्थिरता तथा राजनीतिक सत्ता में परिवर्तन जैसी परिस्थितियां बनने के संकेत बताए जा रहे हैं।

Ashwin Maas – विभिन्न देशों में आंतरिक संघर्ष एवं राजनीतिक असंतोष के कारण लोगों को विस्थापन अथवा दूसरे देशों में पलायन के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

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