DA – पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ता को लेकर आज सर्वोच्च अदालत में सुनवाई होनी है।
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पिछली बार सुप्रीम कोर्ट ने डीए को कर्मचारियों का अधिकार बताया था और कहा था कि वे 2009 से 2019 तक की अवधि का बकाया पाने के हकदार हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में राज्य सरकार को एक निर्देश जारी किया था। शीर्ष अदालत ने चरणबद्ध तरीके से DA के वितरण की देखरेख के लिए एक समिति का गठन किया था।
इसमें यह शर्त रखी गई थी कि बकाया राशि का 25 प्रतिशत, और शेष राशि की पहली किस्त, 31 मार्च तक चुका दी जानी चाहिए।
राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश में बदलाव की मांग करते हुए एक याचिका दायर की है। उनकी याचिका में अनुरोध किया गया है कि उन्हें इस साल 31 दिसंबर तक का अतिरिक्त समय दिया जाए।
इसी मामले पर आज शीर्ष अदालत में सुनवाई होनी है। सभी की निगाहें इस सुनवाई पर टिकी होंगी कि यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।
