ED Raid – प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य में नए सिरे से तलाशी अभियान शुरू किया है। शुक्रवार सुबह एजेंसी ने कई जगहों पर छापेमारी की।
ED RAID
सूत्रों के अनुसार, ये कार्रवाई करोड़ों रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले से जुड़ी हैं। आरोप है कि झारखंड में एक पावर प्लांट के लिए जारी की गई धनराशि को कोलकाता भेजा गया।
लेक टाउन में, ED ने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के आवास पर छापेमारी की। सीए पर शेल कंपनियां बनाकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने का आरोप है।
लेकटाउन के ‘अवनी ऑक्सफोर्ड (फेज 1)’ हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में चार्टर्ड अकाउंटेंट, अशोक सारथी के घर पर भी छापेमारी की है।
ईडी अधिकारी शिबपुर के विवेक विहार में एक चार्टेड अकॉउंटेंट सचिन जैन के भी घर पहुँचे हैं। इसके अलावा एकाधिक जगह ईडी की रेड जारी है।
ED Raid – उत्तरपारा में भी छापेमारी चल रही है। ED के अधिकारी केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवानों के साथ शिबतला स्ट्रीट पर स्थित सुदीप्त घोष के घर पहुंचे।
पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट सुदीप्त घोष से पूछताछ की जा रही है, जबकि उनके परिसर की तलाशी ली जा रही है।
जांच एजेंसी के अनुसार, ये छापेमारी झारखंड में एक पावर प्लांट के विकास के लिए बैंकों से ली गई भारी धनराशि के गबन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के संबंध में की जा रही है।
जांच के दायरे में मुख्य निजी कंपनी ‘कोहिनूर पावर प्राइवेट लिमिटेड’ है। आरोप है कि संबंधित चार्टर्ड अकाउंटेंट ने यह दावा करके बैंक लोन दिलाने में मदद की कि झारखंड में 66 मेगावाट का पावर प्लांट लगाया जाएगा।
बैंकों के एक समूह (कंसोर्टियम) से लिए गए लोन की कुल राशि लगभग 290 करोड़ रुपये है। आरोप है कि पावर प्लांट के निर्माण के नाम पर जुटाई गई इस बड़ी रकम का इस्तेमाल असल प्रोजेक्ट के लिए नहीं किया गया, बल्कि शेल कंपनियों के एक जाल के जरिए इसे कहीं और भेज दिया गया और इसका गबन कर लिया गया।
