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North Kolkata – हाई प्रोफाइल हुआ उत्तर कोलकाता का मुकाबला, क्या कहते हैं हार जीत के पिछले आंकड़े, देखें

कोलकाता

North Kolkata – लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण का मतदान 1 जून को होना है। इसी चरण में उत्तर कोलकाता लोकसभा में भी मतदान होना है।

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North Kolkata – सुदीप बंदोपाध्याय vs तापस रॉय

North Kolkata की सीट हाई प्रोफ़ाइल सीट बन गई है। पीएम मोदी ने यहां रोड़ शो किया तो सीएम ममता बनर्जी एक के बाद एक कई सभा और पदयात्रा कर रहीं हैं।

यहां पर तृणमूल से सुदीप बंदोपाध्याय मैदान में है तो भाजपा से तापस रॉय ताल ठोक रहे हैं। कांग्रेस ने प्रदीप भट्टाचार्य को मैदान में उतारा है जिन्हे सीपीएम का समर्थन है।

सुदीप बंदोपाध्याय और तापस रॉय के बिच की इस जंग को प्रदीप भट्टाचार्य ने और दिलचस्प बना दिया है। सीएम ममता बनर्जी ने तो यहां तक कह दिया कि कांग्रेस – सीपीएम तृणमूल का वोट काटकर भाजपा को जीताना चाहती है।

भाजपा में शामिल होने से पहले तापस रॉय बारानगर से तृणमूल विधायक थे। उन्होंने विधायिकी और पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। जबकि इस सीट से सुदीप बंदोपाध्याय वर्तमान में सांसद हैं।

चोरंगी, इंटाली, बेलाघाटा, जोड़ासांको, श्यामपुकुर, मानिकतल्ला, काशीपुर बेलगछिया विधानसभा वाले इस North Kolkata लोकसभा सीट की बात करें तो इसका परिसीमन 2008 में हुआ था और इस लोकसभा पर पहली बार चुनाव 2009 में हुआ था।

North Kolkata – 2009 से 2019 तक के नतीजे

2009 के चुनाव में तृणमूल के सुदीप बन्दोपाध्याय ने सीपीएम के मोहमद सलीम को करीब 1 लाख 10 हजार वोटों से हराया था। उस चुनाव में भाजपा के तथागत रॉय को मात्र 37 हजार वोट मिले थे।

2014 के चुनाव में भाजपा ने छलांग लगाई और प्रत्याशी राहुल सिन्हा को 247000 से ज्यादा वोट मिले। लेकिन भाजपा नतीजों को अपने हक में नहीं कर पाई और सुदीप बन्दोपाध्याय 3 लाख 43 हजार से ज्यादा वोटों के साथ जीत गए।

हालांकि 2019 में भाजपा के राहुल सिन्हा ने अपने वोटों में और बढ़त बनाई लेकिन सुदीप बंदोपाध्याय से 1 लाख 27 हजार वोटों से फिर हार गए।

इस बार राहुल सिन्हा को लगभग 3 लाख 47 हजार वोट मिलें जबकि तृणमूल को लगभग 4 लाख 74 हजार वोट मिले वहीँ कांग्रेस को लगभग 26 हजार और सीपीएम को लगभग 71 हजार वोट मिले।

तृणमूल इस सीट पर अपनी जीत निश्चित मान रही है वहीँ तापस रॉय भी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिख रहे हैं। तापस रॉय का कहना है कि वे भूमिपुत्र है और जनता उनके साथ है।

हालांकि अबतक ये सीट भाजपा के खाते में नही आई है लेकिन इस बार भाजपा तापस रॉय को मास्टर स्ट्रोक बताकर जीत की आस लगा रही है।

4 जून को आने वाले नतीजों में पता चल ही जाएगा कि सुदीप बंदोपाध्याय एक बार फिर इस सीट पर जीतते हैं या तृणमूल से आए तापस रॉय तृणमूल को हराकर अपनी जीत का परचम फहराते हैं।

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