कोलकाता। बंग-भंग के बाद बांग्लादेश से विस्थापित होकर पश्चिम बंगाल पहुंचे मतुआ समुदाय की महारानी वीणापाणि देवी (बड़ो मां) का मंगलवार रात को निधन हो गया है।
कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में रात 8:52 पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी उम्र 101 साल थी। उत्तर 24 परगना और नदिया जिले में करीब 30 लाख की संख्या में रहने वाले मतुआ समुदाय की वह महारानी थीं। उन्हें बड़ो मां के नाम से जाना जाता था।
कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में थी भर्ती
पिछले 21 फरवरी से उनकी तबीयत खराब थी। वह लंबे समय से उम्र जनित बीमारियों से पीड़ित थीं। उनके दोनों फेफड़ों में संक्रमण हो गया था और ब्लड शुगर भी बढ़ गया था। उन्हें नदिया जिले के जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल अस्पताल में भर्ती किया गया था लेकिन गत रविवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कर दिया गया था। यहां चिकित्सकों की टीम गठित कर लगातार उनका इलाज किया जा रहा था लेकिन सोमवार को उनकी हालत बिगड़ गई थी और उन्हें वेंटीलेशन पर रखना पड़ा था।
उनके निधन से चंद मिनट पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनका हालचाल जानने के लिए अस्पताल पहुंची थीं बड़ो मां के निधन की खबर सुनते ही सीएम ने दुख व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि मतुआ समुदाय की प्रधान वीणापाणि देवी के निधन पर मुझे गहरा दुख हुआ है। इस दुख की घड़ी में मतुआ समुदाय के उनके परिवार और मेरे भाइयों और बहनों के प्रति मेरी संवेदना। पिछले साल नवंबर में बड़ो मां से उनके जन्मदिन के शताब्दी वर्ष पर मिलना मेरे लिए बहुत अच्छा मौका था। सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर मैं अभी अस्पताल से निकली हूं। उनका अंतिम संस्कार का ध्यान रखने के लिए 6 वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहेंगे। गन सैल्यूट के साथ पूरे राजकीय सम्मान से उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्हें बंग विभूषण से सम्मानित करने पर हमे गर्व है।
अस्पताल सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि बुधवार सुबह 8:00 बजे बड़ो मां के शव को अस्पताल से निकाला जाएगा। उन्हें कोलकाता में राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा जिसके बाद अंतिम संस्कार के लिए उन्हें ठाकुरनगर ले जाया जाएगा।
पिछले महीने दो फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ठाकुरनगर में जनसभा की थी। उसके पहले उन्होंने वीणापाणि देवी के घर जाकर उनका आशीर्वाद लिया था
