सनलाइट, कोलकाता। जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कर्म करना जितना आवश्यक है, उतना ही जरूरी धर्म का पालन और नियमित जप भी है।
आज की व्यस्त जीवनशैली में लोग धर्म और जप के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं, जबकि बीज मंत्र अत्यंत सरल होते हैं और उनका जाप विशेष रूप से फलदायक सिद्ध होता है।
यह विचार बीकानेर के राजगुरु, निर्वाणपीठाधीश्वर, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती महाराज ने बड़ाबाजार के भैरव बाड़ी स्थित श्री श्री सिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में आयोजित “सुधा निधि” नित्य स्तोत्रम के विमोचन अवसर पर व्यक्त किए।
स्वामी विशोकानंद भारती ने कहा कि माता लक्ष्मी की पूजा के साथ भगवान विष्णु की पूजा भी आवश्यक है। धर्म, जप और साधना से जीवन में संतुलन, समृद्धि और शांति आती है।
इससे पूर्व मंदिर के मुख्य पुजारी एवं “सुधा निधि” के संकलनकर्ता अशोक भादानी ने रजनी देवी भादानी के साथ स्वामी विशोकानंद के चरण पूजन कर गुरु वंदना की।
मंदिर के पंडित विमल भादानी ने बताया कि “सुधा निधि” पुस्तक में नित्य पूजा के प्रमुख स्तोत्रों का संकलन किया गया है।
इसके माध्यम से गणेश जी, लक्ष्मी माता, विष्णु जी, हनुमान जी एवं भगवान महादेव की पूजा के दौरान स्तोत्र पाठ करना भक्तों के लिए सरल और सुविधाजनक होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हीरा लाल किराडू ने की। इस अवसर पर आशीष भादानी, ललित भादानी, किशन गोपाल कलवानी, डॉ. किशन शर्मा, जुगल छंगाणी, लक्ष्मीकांत तिवारी, अशोक अग्रवाल, प्रीति सेठिया सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
